उत्तर प्रदेश के आसमान से बरसे रहे पानी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब राज्य के कई इलाकों में मुसीबत का सबब बन गई है। नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
इन 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए अगले 24 घंटों का नया पूर्वानुमान जारी किया है। भारी बारिश के मद्देनजर सूबे के 10 जिलों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इन जिलों में प्रशासन ने लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर
- मुरादाबाद, बरेली और पीलीभीत
- लखीमपुर खीरी, बहराइच
- श्रावस्ती और बलरामपुर
इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के बाकी हिस्सों में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

बारिश से राहत कब मिलेगी?
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले तीन दिनों के बाद मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और कच्चे घरों में रहने से बचने के लिए सतर्क किया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
इस मूसलाधार बारिश का सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव से आवागमन बाधित हुआ है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए यह दोधारी तलवार साबित हो रही है। जहां धान की फसल के लिए पानी जरूरी था, वहीं जरूरत से ज्यादा पानी फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना ही इस समय सबसे बड़ी सुरक्षा है।



