बरेली में कुदरत का कहर: तीन घर जमींदोज
बरेली में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बारिश का कहर ऐसा बरपा कि तीन पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घरों के अंदर मौजूद लोग समय रहते बाहर निकल आए, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
रामगंगानगर में सड़क और नाली धंसी
सबसे भयावह स्थिति रामगंगानगर इलाके से सामने आई है, जहां भारी बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा और नाली अचानक धंस गई। सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह कट जाने के कारण यहाँ बने कई मकान अब खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर बारिश का दौर जारी रहा, तो और भी मकान जमींदोज हो सकते हैं।
- वाहन दबे: मलबे की चपेट में आने से बाहर खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- प्रशासन की सक्रियता: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं, लेकिन पानी का बहाव अभी भी स्थिति को मुश्किल बना रहा है।
मायने और प्रभाव
यह घटना बरेली के नगर नियोजन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करती है। जब भी भारी बारिश होती है, शहर की जर्जर ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आ ही जाती है। मकानों का गिरना और सड़कें धंसना इस बात का संकेत है कि शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर बदलते मौसम की मार झेलने में सक्षम नहीं है। प्रशासन को अब उन इलाकों की पहचान करनी होगी जहां जलभराव और मिट्टी के कटाव से जान-माल का खतरा लगातार बढ़ रहा है।




