उत्तर प्रदेश के आसमान पर काले बादलों का डेरा है और मौसम विभाग ने राज्य के बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी कर दी है। तपती गर्मी और उमस से राहत पाने की उम्मीद कर रहे लोगों को अब सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि प्रदेश के 33 जिलों में आज मूसलाधार बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजधानी लखनऊ से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों तक मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। मुख्य रूप से तराई वाले क्षेत्रों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
क्या है प्रशासन की तैयारी?
- नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर की निगरानी तेज कर दी गई है।
- बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और ऊंचे खंभों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी गई है।
- किसानों को अपने खेतों में काम करते समय सतर्क रहने को कहा गया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
लगातार हो रही यह बारिश जहां धान की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या यातायात को प्रभावित कर सकती है। स्कूलों और जरूरी कामकाज के लिए घर से निकलने वालों को अपने साथ रेनकोट या छाता जरूर रखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता तापमान में गिरावट लाएगी, जिससे लंबे समय से चल रहे उमस भरे दौर से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, वज्रपात की चेतावनी को हल्के में न लें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।




