दक्षिण भारतीय व्यंजनों का चटपटा और ऑथेंटिक स्वाद अब सिर्फ चेन्नई या बैंगलोर तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल के दिल गोरखपुर में भी इसका जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। शहर के नौका विहार इलाके में अपने खास व्यंजनों से लोगों के दिलों पर राज कर रहे मशहूर शेफ सूर्य दिनेश रेड्डी अब उन खास ‘सीक्रेट्स’ को साझा कर रहे हैं, जिनकी मदद से आप घर बैठे ही रेस्टोरेंट जैसा क्रिस्पी डोसा बना सकते हैं।
क्यों नहीं बनता घर पर डोसा रेस्टोरेंट जैसा?
ज्यादातर लोग घर पर डोसा तो बनाते हैं, लेकिन वो या तो नरम पड़ जाता है या तवे पर चिपक जाता है। शेफ सूर्य रेड्डी बताते हैं कि असल खेल दाल-चावल के सही अनुपात और खमीर (Fermentation) का है। यदि आप सही तकनीक अपनाएं, तो घर पर तैयार डोसा का स्वाद बाजार से भी कहीं बेहतर हो सकता है।
शेफ सूर्य रेड्डी के 3 प्रो-टिप्स
- परफेक्ट बैटर: डोसे के लिए चावल और उड़द दाल का अनुपात हमेशा 3:1 रखें। साथ ही, बैटर को पीसते समय बहुत थोड़ा सा मेथी दाना डालने से डोसे में अच्छी जाली पड़ती है।
- तवे का तापमान: डोसा फैलाने से पहले तवे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कें और उसे कपड़े से पोंछ लें। इससे तवे का तापमान संतुलित हो जाता है, जिससे डोसा चिपकेगा नहीं।
- धीमी आंच का जादू: बैटर फैलाने के बाद आंच को धीमा कर दें और थोड़ा सा बटर या घी किनारों पर डालें। इससे डोसा एकदम कुरकुरा बनेगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी?
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहर का खाना आम हो गया है, जो कई बार सेहत के लिए नुकसानदेह होता है। शेफ रेड्डी के ये टिप्स न सिर्फ गोरखपुर वासियों को घर पर शुद्ध और पौष्टिक खाना बनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि बाहर के खर्चों में कटौती कर परिवार के साथ घर के स्वाद को सेलिब्रेट करने का मौका भी देंगे। यह कुकिंग स्किल्स आपके किचन को एक छोटे रेस्टोरेंट में बदलने की ताकत रखती हैं।


