हाथरस की सड़कों पर उस वक्त कोहराम मच गया, जब लौट रही एक एंबुलेंस मौत का शिकार हो गई। सिकंदराराऊ क्षेत्र में कासगंज रोड पर खड़े एक लावारिस ट्रक से टकराकर एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में एंबुलेंस चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल है।
सड़क किनारे मौत का जाल
जानकारी के मुताबिक, सिकंदराराऊ-कासगंज मार्ग पर एक भारी ट्रक पिछले दो दिनों से खराब खड़ा था। सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े इस ट्रक की वजह से कोई संकेत बोर्ड नहीं था, जो अंधेरे में किसी बड़े खतरे को न्योता देने के लिए काफी था।
मृतक चालक रोशन लाल किसी मरीज को अस्पताल छोड़ने के बाद देर रात वापस लौट रहे थे। कोहरे और सड़क की खराब रोशनी के बीच एंबुलेंस सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
प्रशासन की लापरवाही या हादसे की नियति?
- हादसे की मुख्य वजह: हाईवे पर बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी के दो दिनों से खड़ा खराब ट्रक।
- प्रशासन पर सवाल: सड़कों पर खराब वाहनों का जमावड़ा कब हटेगा?
- घायल की स्थिति: परिचालक को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए संदेश
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़कों पर फैली आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उत्तर प्रदेश के व्यस्त मार्गों पर खराब वाहनों का दिनों तक खड़े रहना आम बात हो गई है, जो आए दिन मासूमों की जान ले रहे हैं।
अगर समय रहते ऐसे वाहनों को सड़क से हटवाया गया होता, तो रोशन लाल का परिवार आज सुरक्षित होता। प्रशासन को अब हाईवे पेट्रोलिंग और सड़क सुरक्षा के कड़े नियमों पर सख्ती दिखानी होगी, ताकि सड़कों पर चलते हुए किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।



