त्योहारों की रौनक आते ही घरों में खुशियां तो दस्तक देती हैं, लेकिन इसी के साथ मिलावटखोरों का काला कारोबार भी सक्रिय हो जाता है। गोरखपुर समेत आसपास के बाजारों में पनीर, खोया और रंगीन मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ गई है, जिसका फायदा उठाकर मुनाफाखोर सेहत के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
गोरखपुर में खाद्य विभाग सख्त, बढ़ाई गई निगरानी
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। शहर की प्रमुख मंडियों और मिठाई की दुकानों पर छापामारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, विशेष रूप से पनीर और खोया आधारित मिठाइयों की शुद्धता पर पैनी नजर रखी जा रही है।
नकली पनीर और मिठाई की पहचान कैसे करें?
- पनीर का टेस्ट: अगर पनीर को दबाने पर वह रबर की तरह खिंच रहा है या उसमें से अजीब बदबू आ रही है, तो वह मिलावटी हो सकता है।
- रंग का ध्यान: बहुत ज्यादा गहरे और चटख रंगों वाली मिठाइयों से बचें, क्योंकि इनमें हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल हो सकता है।
- सस्ता पनीर: बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर बिकने वाले पनीर पर भरोसा न करें, क्योंकि यह अक्सर यूरिया और स्टार्च से बना होता है।
शिकायत दर्ज करने का तरीका
अगर आपको किसी दुकान पर संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखे, तो चुप न बैठें। खाद्य विभाग ने आम जनता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-5533 जारी किया है। आप इस पर सीधे फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है?
मिलावटी खाना न केवल पाचन बिगाड़ता है, बल्कि लिवर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। त्योहारों में खुशी के लिए खरीदी गई मिठाई जब बीमारी का कारण बनती है, तो पूरा उत्सव फीका पड़ जाता है। सतर्कता ही बचाव है; इसलिए हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही सामान खरीदें और खुले में बिकने वाली संदिग्ध मिठाइयों से दूरी बनाए रखें।




