गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन अक्सर अपने बयानों और सादगी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में ‘न्यूज18 डायमंड स्टेट्स समिट’ के दौरान उन्होंने अपनी वायरल होती वीडियो क्लिप्स और उससे जुड़े मजेदार किस्सों पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे कभी-कभी उनका वायरल होना उनके परिवार के लिए भी चिंता का विषय बन जाता है।
घर में ‘कैद’ होने की नौबत
रवि किशन ने समिट में एक बेहद मजेदार वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उनके वीडियो सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा वायरल होने लगे, तो उनकी पत्नी ने कड़ा रुख अपना लिया। सांसद ने हंसते हुए बताया, “मेरी पत्नी ने बच्चों से कह दिया था कि आज इन्हें इसी कमरे में लॉक कर दो, बाहर निकलने मत देना। अगर ये बाहर निकले तो फिर कुछ न कुछ बोल देंगे और फिर वायरल हो जाएंगे।” यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।
अपनी गलतियों को ‘खूबसूरती’ से पेश करते हैं रवि
रवि किशन का मानना है कि जनता को उनकी कमियां और मानवीय स्वभाव पसंद आता है। उन्होंने स्वीकार किया, “मैं एक इम्परफेक्शन वाला इंसान हूं। मैं ‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह कुछ और बोल देता हूं, मेरी अंग्रेजी में गलतियां होती हैं, लेकिन यही चीजें लोगों को मुझसे जोड़ती हैं। मैं कोई अलग ब्रह्मांड का व्यक्ति नहीं हूं, मैं बिल्कुल आप जैसा ही हूं।”
मौन धारण के पीछे की सच्चाई
एक समय ऐसा भी आया था जब रवि किशन ने अचानक सार्वजनिक जीवन से चुप्पी साध ली थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह कोई राजनीतिक चाल थी, तो उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ इसलिए था क्योंकि उन्हें डर लगने लगा था कि उनकी हर छोटी बात को गलत संदर्भ में लिया जा रहा है। उन्होंने बताया, “संसद से बाहर निकलना हो या कोई पॉडकास्ट, सब कुछ वायरल हो जाता था। इसलिए मैंने कुछ दिन के लिए शांत रहना ही बेहतर समझा।”
मायने और प्रभाव: क्या आम जनता से जुड़ाव है इसकी वजह?
रवि किशन की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनकी सरलता है। वह अपनी गलतियों को छुपाते नहीं हैं, जिसे आज की पीढ़ी (Gen Z) बेहद पसंद करती है।
- सीधा जुड़ाव: सोशल मीडिया के दौर में जब हर कोई ‘परफेक्ट’ दिखने की कोशिश कर रहा है, रवि किशन का अपने ‘फ्लॉ’ को स्वीकार करना उन्हें भीड़ से अलग बनाता है।
- फुटबॉल से लेकर संसद तक: उनका वायरल कंटेंट अब केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फुटबॉल विश्व कप और ग्लोबल क्लब्स तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि उनकी पहुंच आज के युवाओं के बीच कितनी गहरी है।
- पारिवारिक सामंजस्य: उनकी बातों से यह स्पष्ट है कि भले ही वे एक बड़े राजनेता हैं, लेकिन घर में उनकी स्थिति एक सामान्य पिता और पति जैसी ही है, जिसे जनता एक ‘रिलेटेबल’ चेहरा मानती है।


