बरेली के इज्जतनगर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने किरायेदारों पर भरोसे की नींव ही हिला दी है। विष्णुधाम कॉलोनी में रहने वाली एक महिला को अपने ही घर में रहने वाले किरायेदारों को पनाह देना इतना भारी पड़ा कि वह 25 लाख रुपये की चपत खा बैठी।
रिश्तों की आड़ में बिछाया जाल
साल 2023 में रामपुर के मसावसी निवासी रोहित और उसकी मां ने राखी गंगवार के मकान को अपना आशियाना बनाया। धीरे-धीरे उन्होंने बातों और व्यवहार से मकान मालकिन का ऐसा भरोसा जीता कि राखी को यह अहसास ही नहीं हुआ कि वे उन्हें ठगने की योजना बना रहे हैं।
आरोपियों ने परसाखेड़ा में बोतल बनाने की फैक्टरी का झांसा दिया। उन्होंने राखी और उनके पति को लालच दिया कि अगर वे फैक्टरी में पार्टनर बनते हैं, तो उन्हें मोटा मुनाफा मिलेगा। इस भरोसे के जाल में फंसकर राखी ने 11 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए और बाद में 4 लाख 81 हजार नकद के साथ सोने की चेन भी थमा दी।

दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल और धमकी
ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उनके निजी दस्तावेजों का दुरुपयोग करके बैंक से ऋण भी ले लिया। अप्रैल 2026 में जब फैक्टरी पर ताला लटकता दिखा, तो सच सामने आया। जब राखी ने पैसे मांगे, तो रोहित ने धमकी दी कि और 10 लाख रुपये दो, वरना झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दूंगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए सीख
- सतर्कता जरूरी: किसी भी किरायेदार या अनजान व्यक्ति के साथ आर्थिक लेन-देन करने से पहले उनके बैकग्राउंड की पूरी जांच करें।
- दस्तावेज सुरक्षित रखें: अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य दस्तावेजों को कभी भी किसी के साथ साझा न करें। इनका दुरुपयोग आपकी पूरी जमा-पूंजी और मान-सम्मान पर भारी पड़ सकता है।
- कानूनी कार्रवाई: एडीजी रमित शर्मा के हस्तक्षेप के बाद इज्जतनगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा है कि अब इस मामले की गहन जांच की जाएगी।
यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना का नाजायज फायदा कैसे उठाया जा सकता है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन यह घटना हर घर के मालिक के लिए एक चेतावनी है कि मकान किराए पर देते समय सावधानी बरतना ही बचाव है।



