पूर्वांचल की खेल बिसात पर बड़ी हलचल
अब पूर्वांचल के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए लखनऊ या दिल्ली की ओर नहीं देखना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट, गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, अब जमीन पर हकीकत का रूप ले रहा है। यह स्टेडियम न केवल एक इमारत होगी, बल्कि यूपी के उभरते खिलाड़ियों के लिए सपनों की नई उड़ान होगी।
प्रोजेक्ट की रफ्तार और बारीकियां
इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब 392.94 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 46 एकड़ में फैला यह भव्य स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता के साथ तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने इसे युद्धस्तर पर पूरा करने की कमर कस ली है।
क्या-क्या होंगी खास सुविधाएं?
- विश्वस्तरीय पिच: स्टेडियम में 7 मुख्य प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच तैयार की जा रही हैं।
- आधुनिक लाइटिंग: रात के मैचों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों की हाई मास्ट फ्लड लाइट्स का इस्तेमाल होगा।
- समय सीमा: इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी?
आर्थिक उन्नति: इस स्टेडियम के बनने से आसपास के इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को सीधे तौर पर बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को अवसर: पूर्वांचल में छिपी प्रतिभाओं को अपना हुनर साबित करने के लिए घर के पास ही एक अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। यह गोरखपुर को खेल पर्यटन के नक्शे पर भी मजबूती से स्थापित करेगा।
खेल संस्कृति का विकास: यह न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक गंतव्य बनेगा, बल्कि इलाके में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।




