कानून का डर अब अपराधियों के जेहन से पूरी तरह खत्म होता दिख रहा है। जालौन में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ गाली-गलौज का विरोध करने वाले एक युवक को तो पीटा ही गया, लेकिन जब वर्दीधारी पुलिसकर्मी उसे बचाने पहुंचे, तो आरोपी ने उन पर भी हाथ उठा दिया।
घर में घुसकर की मारपीट
घटना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कछोरन की है। दीपक यादव नामक युवक अपने घर पर था, तभी मोहल्ले का ही रहने वाला शिवम उर्फ गुड्डू बाहर आकर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। जब दीपक ने शालीनता से इसका विरोध किया, तो आरोपी आपा खो बैठा। वह जबरन घर के अंदर घुस आया और दीपक के साथ जमकर मारपीट की।
पुलिसकर्मी पर भी किया हमला
पीड़ित ने जान बचाने के लिए तुरंत यूपी-112 पर फोन किया। सूचना मिलते ही पीआरवी की टीम मौके पर पहुंची। कांस्टेबल वेद प्रकाश अत्री और होमगार्ड हरिओम तिवारी ने जब आरोपी को समझाने और शांत कराने की कोशिश की, तो शिवम का दुस्साहस और बढ़ गया। उसने न केवल पुलिस टीम से अभद्रता की, बल्कि कांस्टेबल को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को तुरंत काबू में लिया और कोतवाली ले आई। पुलिस ने दीपक की तहरीर और पीआरवी टीम की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया है। कोतवाल हरिशंकर चंद ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, घर में घुसकर हमला करने और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मायने और प्रभाव
इस घटना का असर स्थानीय लोगों में भय के रूप में देखा जा रहा है। जब आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का बर्ताव करने से नहीं डरते, तो आम नागरिक खुद को कितना असुरक्षित महसूस करता होगा, यह सोचने का विषय है। ऐसी घटनाएं समाज में बढ़ते अपराधिक मनोबल को दर्शाती हैं। प्रशासन को अब कड़े कदम उठाने होंगे ताकि आम जनता का कानून व्यवस्था से भरोसा न उठे और अपराधियों के मन में वर्दी का खौफ फिर से कायम हो सके।




