गोरखपुर से सफर करने वालों के लिए जरूरी सूचना
अगर आप अगले कुछ दिनों में गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई, पुणे या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो रुकिए! रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके चलते 6 जुलाई से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमति कुमार के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव किया जा रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनें या तो रद रहेंगी या फिर उनका रास्ता बदला जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
रेलवे प्रशासन गोंडा-बुढ़वल रेल सेक्शन पर दोहरीकरण और तीसरी लाइन बिछाने का काम तेजी से कर रहा है। इसी सिलसिले में गोंडा-कचहरी स्टेशनों के बीच ‘प्री-नॉन इंटरलॉक’ और ‘नॉन इंटरलॉक’ का काम शुरू किया जाएगा।
इस काम का उद्देश्य ऑपरेशनल समय को कम करना और भविष्य में इस रूट पर और भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाना है। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रभावी होंगी ये सेवाएं
- स्पीड अपग्रेड: ट्रैक को मजबूत करने का काम।
- समय की बचत: नए रेल सेक्शन के जरिए भविष्य में यात्रा सुगम होगी।
- रूट डायवर्जन: निर्माण के दौरान ट्रेनों को वैकल्पिक रास्तों से चलाया जाएगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
यह बदलाव महज एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पूर्वांचल के यात्रियों पर पड़ेगा। गोरखपुर जंक्शन से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का समय चक्र बिगड़ना तय है।
प्रभाव:

- समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलना होगा।
- सीटों की उपलब्धता और ट्रेनों के स्टेटस की लगातार निगरानी करनी होगी।
- दीर्घकालिक रूप से, तीसरी लाइन आने के बाद इस रूट पर भीड़ कम होगी और टिकट मिलना आसान हो जाएगा।
हमारी सलाह है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या ‘NTES’ ऐप पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें, ताकि आपको कोई असुविधा न हो।




