कानपुर के सचेंडी इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां अमेठी में तैनात एक महिला सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 22 वर्षीय प्रतीक्षा, जो छुट्टी लेकर अपने घर आई थी, ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। इस मामले में अब पुलिस ने एक रिटायर्ड फौजी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक सिपाही प्रतीक्षा का परिवार गिरसी गांव में रहता है। बुधवार को जब वह अपने कमरे में गई, तो काफी देर तक बाहर नहीं निकली। इसके बाद जब उसकी बहन ने कमरे में जाकर देखा, तो प्रतीक्षा का शव फंदे से लटका हुआ था। परिजनों का आरोप है कि बिनौर निवासी विक्रांत सिंह चंदेल उसे लंबे समय से परेशान कर रहा था।
आरोपी और पीड़िता का कनेक्शन
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2021 में प्रतीक्षा विक्रांत सिंह की फिजिकल डिफेंस एकेडमी में कोचिंग लेती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही बनने के बाद जब प्रतीक्षा अमेठी में तैनात हो गई, तो विक्रांत उसे प्रताड़ित करने लगा था। दोनों के बीच मौत से ठीक पहले तीन बार फोन पर बातचीत भी हुई थी, जो मामले को और गंभीर बनाती है।
मायने और प्रभाव
यह घटना सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और रिश्तों की कड़वाहट के खतरनाक मोड़ को दर्शाती है। एक युवा होनहार सिपाही का इस तरह से जाना न केवल परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि कैसे एक ‘ट्रेनर’ और ‘छात्र’ के बीच का रिश्ता प्रताड़ना में बदल गया। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी से कानून व्यवस्था पर भरोसा जरूर बहाल हुआ है, लेकिन समाज को भी ऐसे डिजिटल युग में रिश्तों की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।



