कानपुर में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं और उनके अभिभावकों को निशाना बनाने वाला एक शातिर ठग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। बिधनू पुलिस ने बीएसएफ (BSF) में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 5.56 लाख रुपये ऐंठने वाले आरोपी धर्मेंद्र सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया है। यह मामला उन तमाम परिवारों के लिए एक कड़वी सच्चाई है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगा देते हैं।
कैसे रची गई ठगी की साजिश
पीड़ित संजय कुशवाहा, जो भीसी जरिगांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनका बेटा पनकी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वहीं उसकी मुलाकात अमित नाम के एक युवक से हुई, जिसने उसे बीएसएफ में भर्ती का लालच दिया। इसके बाद अमित ने उन्हें धर्मेंद्र सिंह चंदेल और बऊवा सिंह से मिलवाया।
धर्मेंद्र और उसके साथियों ने विश्वास में लेकर संजय से कुल 5.56 लाख रुपये लिए। पीड़ित ने अपने खेत बेचकर पांच लाख रुपये नकद और 56 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए दिए थे। नौकरी न मिलने और पैसे वापस न करने पर 19 मई 2026 को बिधनू थाने में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
बिधनू थाना प्रभारी तेजबहादुर सिंह के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी धर्मेंद्र सिंह चंदेल उर्फ भूरा उर्फ निरंजन सिंह को जामू से धौरी जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, अमित और बऊवा सिंह की तलाश कर रही है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए सबक
- सतर्कता जरूरी: सरकारी नौकरी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है। कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर भर्ती कराने का दावा करे, तो समझ लीजिए वह ठग है।
- जांच-पड़ताल करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को बड़ी रकम देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और आधिकारिक भर्ती प्रक्रियाओं की पुष्टि जरूर करें।
- जल्दबाजी से बचें: ठग अक्सर युवाओं को शॉर्टकट का लालच देते हैं। कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता, इसलिए ऐसे झांसों से दूर रहें।

