उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। करवाचौथ के त्योहार की तैयारी में जुटी सुहागिनों के लिए यह खबर थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में आज से मौसम का कड़ा रुख देखने को मिलेगा।
150 की रफ्तार और बारिश की आहट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि राज्य के विभिन्न जिलों में 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंके चलने की आशंका है। अलीगढ़ सहित पश्चिमी और मध्य यूपी के कई इलाकों में 28 और 29 अक्टूबर को न केवल भारी बारिश हो सकती है, बल्कि आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
करवाचौथ की पूजा पर पड़ेगा असर?
सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार करवाचौथ का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही पूरा होता है। हालांकि, इस बार आसमान में छाए घने बादलों की ओट में चांद का छिपना तय माना जा रहा है। अलीगढ़, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में आसमान में घने बादल छाए रहने से व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्र दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग की सलाह
- सतर्कता बरतें: आंधी और तूफान के दौरान कच्चे मकानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- सुरक्षा: बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों से बचें और सुरक्षित पक्के निर्माण के अंदर रहें।
- निगरानी: मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों है जरूरी?
यह मौसमी बदलाव केवल त्योहार तक सीमित नहीं है। चक्रवाती तूफान का सीधा असर फसलों पर पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां धान की कटाई का काम अभी चल रहा है। खेतों में खड़ी फसलें इस तेज आंधी से गिर सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का डर है। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि अगले 48 घंटों के दौरान घर से बाहर निकलते समय मौसम अपडेट पर जरूर नजर रखें, क्योंकि तेज हवाओं के कारण बिजली लाइनों और पेड़ों के गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।



