इटावा के रेलवे ट्रैक पर बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मैनपुरी रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक पॉलीटेक्निक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसी के साथ मिली एक छात्रा जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार रात करीब 8:54 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मैनपुरी की ओर जाने वाली मालगाड़ी की चपेट में दो छात्र आ गए हैं। मौके पर पहुंची आरपीएफ और पुलिस टीम को पिलर संख्या 17-18 के पास 19 वर्षीय छात्र रोहन का शव मिला। वहीं, कुछ ही दूरी पर एक छात्रा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जिसे तुरंत उपचार के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर किया गया है।
प्रेम प्रसंग या साजिश?
प्रारंभिक जांच में इसे प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है। मृत छात्र रोहन इटावा के पुराना भरथना का रहने वाला था, जबकि घायल छात्रा औरैया के फफूंद क्षेत्र की रहने वाली है और कॉलेज के हॉस्टल में रहती थी। छात्रा की सहेलियों के मुताबिक, वह शाम 6:30 बजे के करीब कॉलेज से बाहर निकली थी। पुलिस छात्रा के मोबाइल के जरिए कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि घटना की सही वजह पता चल सके।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
घटनास्थल पर पहुंचे छात्र रोहन के पिता सुनील श्रीवास्तव ने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अपने बेटे की हत्या की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस अब इस केस को प्रेम प्रसंग के साथ-साथ मर्डर एंगल से भी देख रही है। रोहन अपने नाना के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था और शाम 5 बजे ही उसने आखिरी बार अपने नाना से बात की थी।
मायने और प्रभाव
यह घटना न केवल दो परिवारों के लिए एक बड़ी त्रासदी है, बल्कि यह युवाओं के बीच बढ़ती मानसिक उलझनों और सुरक्षा के मुद्दों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। इटावा पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करें कि क्या यह आत्महत्या का प्रयास था या किसी आपराधिक साजिश का नतीजा। इस तरह की घटनाएं अभिभावकों के लिए भी एक चिंता का विषय हैं, जिन्हें अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि वे ऐसे कठिन समय में गलत कदम न उठाएं।



