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आरव हत्याकांड: 27 सेकंड में मासूम को 8 बार जमीन पर पटकने वाला विराज दोषी करार, आज होगी सजा का ऐलान

न्याय की दहलीज पर फिरोजाबाद: मासूम आरव का कातिल दोषी करार

फिरोजाबाद की यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की क्रूर हत्या ने न केवल शहर को, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। बीते 30 मई को हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। अब करीब डेढ़ महीने बाद, कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दरिंदे को दोषी करार दिया है।

जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में चली सुनवाई के बाद यह साफ हो गया है कि कानून का शिकंजा अब दोषी पर पूरी तरह कस चुका है। आज अदालत सजा का ऐलान करेगी, जिससे पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद है।

क्या था पूरा मामला?

आरोपी विराज, जो मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है, अपनी रिश्ते की भाभी रति से शादी करना चाहता था। शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद वह बौखला गया और उसने रति के मासूम बेटे आरव को अपना निशाना बनाया। 30 मई की दोपहर, टॉफी दिलाने के बहाने आरव को ले जाकर उसने महज 27 सेकंड के भीतर 8 बार सड़क पर पटककर बेरहमी से जान ले ली थी।

  • घटना का समय: 30 मई, दोपहर।
  • स्थान: यादव कॉलोनी, शिकोहाबाद।
  • पुलिस कार्रवाई: मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार किया गया।

रिकॉर्ड समय में न्याय की प्रक्रिया

इस केस की सबसे बड़ी विशेषता पुलिस की तत्परता रही है। वारदात के महज छह दिन के भीतर पुलिस ने ठोस सबूतों के साथ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। 15 जून से गवाहियों का सिलसिला शुरू हुआ और अभियोजन पक्ष ने कुल 13 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए, जिसके दम पर आज कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया है।

मायने और प्रभाव: समाज के लिए सबक

आरव हत्याकांड केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इस केस ने दिखाया है कि जब कानून अपनी पूरी ताकत और संवेदनशीलता के साथ काम करता है, तो अपराधी को सजा दिलाने में देरी नहीं होती। ‘फास्ट-ट्रैक’ तरीके से की गई इस सुनवाई ने अपराधियों में यह संदेश जरूर दिया है कि जघन्य अपराधों के लिए कानून का दरवाजा बहुत छोटा और सख्त है।

इस फैसले का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि समाज का न्याय प्रणाली पर भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने जिस तरह से इस केस की जांच की, वह अन्य लंबित मामलों के लिए भी एक मिसाल है। आरव तो वापस नहीं आएगा, लेकिन आज का फैसला उसकी मासूम रूह को सच्ची श्रद्धांजलि देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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