आगरा में जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के बीच लापरवाही
ताजमहल की नगरी आगरा में इन दिनों जनकपुरी महोत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। दूर-दराज से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचने वाले हैं। लेकिन इस बड़े आयोजन के ठीक चार दिन पहले एक ऐसी सच्चाई सामने आई है, जो प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
सिकंदरा से गुरु का ताल तक जाने वाले मुख्य हाईवे के किनारे कई मैनहोल पूरी तरह खुले पड़े हैं। ये गड्ढे मामूली नहीं, बल्कि 6 से 8 फीट गहरे हैं। व्यस्त सड़क के किनारे बने ये खुले मैनहोल किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं।
प्रशासन की अनदेखी और लाखों लोगों की सुरक्षा
जनकपुरी महोत्सव के दौरान सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं होती। ऐसे में अगर रात के अंधेरे में या भीड़भाड़ के समय कोई अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से इन मैनहोल के ढक्कन गायब हैं, लेकिन नगर निगम और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं।
- सीधे खतरे की जद में: राहगीर, दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले श्रद्धालु।
- कहां है स्थिति गंभीर: सिकंदरा से गुरु का ताल के बीच का मुख्य मार्ग।
- गहराई का खौफ: 6 से 8 फीट गहरे गड्ढे, जिनमें गिरना जानलेवा साबित हो सकता है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है खतरा?
इस लापरवाही का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जनकपुरी महोत्सव जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक होती है, जिनकी सतर्कता अक्सर भीड़ में कम हो जाती है। यदि इन मैनहोल को तत्काल कवर नहीं किया गया, तो महोत्सव की रौनक मातम में बदल सकती है।
यह सिर्फ बुनियादी ढांचे की समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल है। शहर की छवि और पर्यटकों की सुरक्षा दांव पर है। अब देखना यह है कि प्रशासन महोत्सव के शुरू होने से पहले इन ‘मौत के गड्ढों’ को भरता है या फिर किसी अनहोनी का इंतजार किया जाता है।



