अलीगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में अचल ताल की रामलीला का अपना एक खास मुकाम है। इस बार शारदीय नवरात्रि के दौरान, अचल ताल फिर से भक्ति और आस्था के रंगों में सराबोर होने के लिए तैयार है। श्रीराम लीला गोशाला कमेटी ने इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली है, जो 3 अक्टूबर से शुरू होकर 22 अक्टूबर तक चलेगी।
गणेश और राधिका का अभिनय बनेगा आकर्षण
इस साल की रामलीला का मंचन मथुरा के प्रसिद्ध सर्वोदय गणेश रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि मुख्य भूमिकाओं में नए चेहरे दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। गणेश इस बार ‘राम’ के किरदार में नजर आएंगे, जबकि राधिका ‘सीता’ की भूमिका निभाते हुए मंच पर अपनी छाप छोड़ेंगी।
भव्य आयोजन की पूरी तैयारी
आयोजकों के मुताबिक, इस बार की रामलीला तकनीक और पारंपरिक अभिनय का बेहतरीन संगम होगी। कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर को भगवान श्री गणेश के विधि-विधान से पूजन के साथ होगी।
- तारीख: 3 अक्टूबर से 22 अक्टूबर
- कलाकार: सर्वोदय गणेश रामलीला मंडल, मथुरा
- स्थान: अचल ताल, अलीगढ़
मायने और प्रभाव: अलीगढ़ की संस्कृति का गौरव
अचल ताल की रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अलीगढ़ की साझी विरासत का प्रतीक है। जब आधुनिकता के दौर में लोग टीवी और ओटीटी की ओर बढ़ रहे हैं, तब स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। इस रामलीला से न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि शहर में मेल-मिलाप और भाईचारे का माहौल भी बनता है। यह आयोजन शहर के सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन मूल्यों से रूबरू कराने का एक सशक्त माध्यम है।



