कानपुर और आसपास के इलाकों में मानसून ने इस बार जो रफ्तार पकड़ी है, उसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को चुनौती दी है। अगस्त महीने के सिर्फ पांच दिनों के भीतर ही शहर में महीने भर की औसत बारिश का 73.2 फीसदी हिस्सा बरस चुका है। सड़कों पर जलभराव और मौसम में आई अचानक नमी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है।
पांच दिन में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अगस्त के पहले पांच दिनों में अब तक 177.6 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबकि पूरे अगस्त महीने का सामान्य औसत 242.6 मिमी है। बुधवार का दिन सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें 64.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसूनी सीजन की दूसरी सबसे बड़ी बारिश है, जबकि इससे पहले 3 जुलाई को 99.8 मिमी बारिश हुई थी।
बंगाल की खाड़ी और पश्चिमी विक्षोभ का असर
सीएसए के मौसम विभाग के जानकारों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी पर बने पश्चिमी विक्षोभ ने मानसून को बेहद सक्रिय कर दिया है। नमी का प्रतिशत सुबह और दोपहर के समय 90 से ऊपर बना हुआ है, जिससे उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अगले 48 घंटे तक इसी तरह के मौसम के हालात बने रहने की प्रबल संभावना है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर?
इस बारिश का सीधा असर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव के कारण यातायात बाधित हो रहा है और सीवर व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कृषि क्षेत्र के लिए तो यह पानी फायदेमंद है, लेकिन शहरी इलाकों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
- सावधानी जरूरी: 7 अगस्त तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा, इसलिए घर से निकलने से पहले सतर्क रहें।
- अगला अपडेट: 7 अगस्त के बाद मौसम साफ होने के आसार हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी बनी रह सकती है।
- सावधानी बरतें: आर्द्रता अधिक होने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 अगस्त तक मौसम के साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन मानसून फिर से 11 अगस्त के बाद रफ्तार पकड़ सकता है। ऐसे में शहरवासियों को अभी से मानसून की अगली लहर के लिए तैयार रहने की जरूरत है।




