बारिश के बाद फिर बढ़ी बेचैनी
मानसून की जिस ठंडी फुहार का इंतजार शहरवासी कर रहे थे, वह महज कुछ घंटों का मेहमान साबित हुई। एक दिन की राहत के बाद तेज धूप ने फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पसीने से तरबतर लोग अब उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
42 डिग्री तक पहुंचा हीट इंडेक्स
मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले चुका है। शनिवार को पारा 37.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, लेकिन असली चुनौती तापमान में नहीं बल्कि ‘हीट इंडेक्स’ में दिखी। उमस के कारण महसूस होने वाली गर्मी का स्तर 42 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। घर के अंदर हो या बाहर, चिपचिपी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि, यह बादल राहत कम और उमस ज्यादा बढ़ा रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश तो हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से तत्काल निजात मिलने की उम्मीद कम है।

मायने और प्रभाव
आम जनता पर असर: इस तरह के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। डीहाइड्रेशन, लू और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सीधी धूप और उमस से बचाने की विशेष आवश्यकता है।
कृषि और दैनिक जीवन: लगातार बदलता मौसम फसलों के लिए भी अनिश्चितता पैदा कर रहा है। वहीं, दफ्तर जाने वालों और बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए यह उमस किसी सजा से कम नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखें।



