उत्तर प्रदेश के हरदोई से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रिश्तों की नींव को हिलाकर रख दिया है। एक पति ने अपनी घायल पत्नी के साथ जो किया, उसे सुनकर हर किसी की रूह कांप जाए। अस्पताल के सुरक्षित माहौल से बाहर निकालकर एक महिला को सीधे मौत के मुंह में धकेल दिया गया।
भरोसे का गला घोंटकर जंगल में उतारा मौत के घाट
मामला हरदोई के शहर कोतवाली क्षेत्र के लालपालपुर का है। कुछ दिन पहले पति ने अपनी पत्नी को बुरी तरह पीटा था, जिसके बाद गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर इलाज कर ही रहे थे कि पति वहां पहुंचा और ‘बेहतर इलाज’ का झूठा भरोसा देकर उसे जबरन डिस्चार्ज करा ले गया।
क्या है पूरा मामला?
- पीड़िता का इलाज अस्पताल में चल रहा था, लेकिन पति उसे बहाने से बाहर ले गया।
- आरोप है कि मंगोलापुर के जंगल में ले जाकर महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई।
- पुलिस को मौके से महिला का शव मिला, जिसके शरीर पर 14 से अधिक गहरे जख्म के निशान थे।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
मायने और प्रभाव: समाज के लिए एक चेतावनी
इस घटना ने घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो कानून और समाज का डर बेअसर हो जाता है। पुलिस की जांच अब इस दिशा में भी चल रही है कि क्या अस्पताल प्रशासन ने डिस्चार्ज के समय कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाया था या नहीं। समाज के तौर पर हमें यह समझने की जरूरत है कि घरेलू विवाद अक्सर ऐसे खौफनाक अंजाम तक पहुंच जाते हैं, जिन्हें सही समय पर हस्तक्षेप करके रोका जा सकता था।

