NEET परीक्षा पर देशभर में हलचल: वायुसेना और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बीच अब भारतीय वायुसेना एक बड़े मिशन मोड में नजर आ रही है। पेपर समय पर कराने की जिम्मेदारी को देखते हुए वायुसेना ने पिछले चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानें भरी हैं। इसका मकसद परीक्षा सामग्री को देश के सुदूर कोनों तक सुरक्षित और सही समय पर पहुंचाना है।
प्रशासन की कड़ी निगरानी
सिर्फ वायुसेना ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रशासन ने सुरक्षा चक्र मजबूत कर दिया है। यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अंबेडकरनगर जैसे जिलों में 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए 11 केंद्रों पर 5088 छात्रों के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बार की परीक्षा में धांधली की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए NTA ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

- टू-लेयर चेकिंग: हर केंद्र पर छात्रों की दो स्तरों पर सघन तलाशी ली जाएगी।
- मेटल डिटेक्टर्स: परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर्स का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है।
- QRT तैनात: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मुस्तैद रखा गया है।
मायने और प्रभाव
इन तैयारियों का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि सरकार छात्रों और अभिभावकों का खोया हुआ भरोसा वापस पाने की कोशिश कर रही है। नीट जैसी बड़ी परीक्षा पर उठते सवालों के बाद, सरकारी तंत्र का इस तरह ‘मिशन मोड’ में आना यह दिखाता है कि छात्रों का भविष्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। हालांकि, छात्रों और उनके परिवार के लिए यह दौर तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन कड़े इंतजामों से पारदर्शिता की उम्मीद की जा रही है।


