कानपुर में खाकी का रौब दिखाने वाले एक सिपाही की दादागिरी का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। चकेरी थाना क्षेत्र में एक दुकानदार से पांच हजार रुपये की मांग करने वाले सिपाही विजय का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वर्दी की आड़ में आम आदमी को धमकाने का यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
गांधीग्राम के रहने वाले गगन चौरसिया, जिनकी रामादेवी चौराहे के पास ‘चौरसिया पान शॉप’ है, ने आरोप लगाया है कि शनिवार दोपहर चकेरी थाने में तैनात सिपाही विजय उनकी दुकान पर पहुंचा। दुकानदार का कहना है कि सिपाही ने बिना किसी ठोस वजह के उनसे पांच हजार रुपये की अवैध वसूली की मांग की। जब दुकानदार ने इसका विरोध किया, तो सिपाही ने न केवल अभद्रता की, बल्कि थाने के अंदर ले जाकर भी गाली-गलौज की।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही की दबंगई और अमर्यादित भाषा साफ सुनाई दे रही है। जैसे ही यह वीडियो उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए सिपाही विजय को लाइनहाजिर कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी सिपाही थाना प्रभारी का हमराही (सहयोगी) था, जिसके कारण उसका हौसला सातवें आसमान पर था।
मायने और प्रभाव
इस घटना ने कानपुर पुलिस की छवि पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके कुछ महत्वपूर्ण पहलू हैं:
- आम जनता का भरोसा: जब पुलिस ही वसूली में लिप्त दिखे, तो आम नागरिक का तंत्र से भरोसा उठ जाता है। इस कार्रवाई ने जनता को एक सख्त संदेश दिया है।
- जवाबदेही तय करना: डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता द्वारा तुरंत की गई कार्रवाई यह बताती है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- आंतरिक जांच: केवल लाइनहाजिर करना ही काफी नहीं है; विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और भविष्य में पुलिसिंग का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील रहे।
फिलहाल, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।




