अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर आज लखनऊ योगमय नजर आया। सुबह की पहली किरण के साथ ही राजधानी के प्रमुख स्थलों पर योग का ऐसा नजारा दिखा, जिसने हर किसी को सेहत और अनुशासन का संदेश दिया। राजभवन से लेकर ऐतिहासिक रेजिडेंसी तक, हर जगह लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दिखे।
राजभवन में राज्यपाल और रेजिडेंसी में डिप्टी सीएम का योगाभ्यास
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने योगासन करते हुए आम जनता को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है जो तन और मन को जोड़े रखती है।
वहीं, दूसरी ओर राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक रेजिडेंसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने योग शिविर की कमान संभाली। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के साथ उन्होंने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इस दौरान रेजिडेंसी का परिसर ‘योगमय’ हो गया और लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
प्रदेश भर में दिखा योग का जोश
- पूरे उत्तर प्रदेश में मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए।
- स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक पार्कों में सुबह से ही आम जनता और युवाओं की भारी भीड़ देखी गई।
- स्वस्थ भारत के संकल्प के साथ इस वर्ष ‘योग फॉर वेलनेस’ थीम पर जोर दिया गया।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी?
आज के भागदौड़ भरे जीवन में योग की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। राजभवन और रेजिडेंसी जैसे प्रमुख स्थलों से जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का योग करना यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य किसी भी जिम्मेदारी से ऊपर है।
स्थानीय स्तर पर इन कार्यक्रमों का आयोजन न केवल लोगों को एक साथ लाता है, बल्कि युवाओं को भी फिटनेस के प्रति प्रेरित करता है। योग का यह प्रसार आने वाले समय में स्वास्थ्य के प्रति समाज की सोच को और अधिक गंभीर और सकारात्मक बनाएगा।



