कानपुर में शातिरों ने सरकारी योजनाओं और नामचीन संस्थानों के नाम का सहारा लेकर आम लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला हनुमंत विहार इलाके का है, जहां आयुष्मान ब्लड सेंटर की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर एक हैलट अस्पताल के कर्मचारी से 15 लाख रुपये की मोटी रकम हड़प ली गई।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित कप्तान सिंह जाटव, जो हैलट अस्पताल में कार्यरत हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात मनु अग्रवाल नाम के शख्स से हुई थी। मनु मूल रूप से राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है। मुलाकात के दौरान आरोपी ने कप्तान सिंह का भरोसा जीतने के लिए खुद को बहुत बड़ा कारोबारी बताया।
आरोपी ने पीड़ित को कानपुर में आयुष्मान ब्लड सेंटर की फ्रेंचाइजी दिलाने का लालच दिया। इतना ही नहीं, उसने यह भी वादा किया कि सेंटर के संचालन का पूरा खर्च वह उठाएगा और इसके बदले कप्तान सिंह को हर महीने 80 हजार रुपये का वेतन भी मिलेगा।
धोखे का अहसास और पुलिस की कार्रवाई
इस सुनहरे सपने के झांसे में आकर कप्तान सिंह ने आरोपी को कुल 15 लाख रुपये दे दिए। लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो उन्हें फ्रेंचाइजी मिली और न ही कोई काम शुरू हुआ। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने आनाकानी शुरू कर दी।
ठगी का अहसास होते ही कप्तान सिंह ने हनुमंत विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसओ राजीव सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए सबक
- सावधानी जरूरी: किसी भी नामचीन संस्थान या सरकारी योजना के नाम पर फ्रेंचाइजी लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जांच जरूर करें।
- आर्थिक सुरक्षा: निवेश करने से पहले कागजी कार्रवाई पूरी करें और किसी अनजान व्यक्ति को सीधे बड़ी रकम देने से बचें।
- सजगता ही बचाव है: अक्सर ठग ‘आकर्षक वेतन’ और ‘मंथली इनकम’ का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। अगर कोई स्कीम वास्तविकता से ज्यादा अच्छी लग रही है, तो सावधान हो जाएं।



