कानपुर के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। मानसून की विदाई के बाद अब शहर का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण कानपुर समेत आसपास के जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान हल्की बारिश और बूंदाबांदी की पूरी संभावना बनी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यह सिस्टम और भी प्रभावी हो गया है, जिसका सीधा असर मध्य और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है।
किन इलाकों में रहेगा असर?
कानपुर नगर और कानपुर देहात के अलावा लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद और कन्नौज में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बर्फबारी और ठंड का कनेक्शन
बारिश का ये दौर तो महज एक शुरुआत है। जैसे ही ये पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों यानी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी होगी। वहां से आने वाली बर्फीली पछुआ हवाएं गंगा के मैदानी इलाकों में तापमान में बड़ी गिरावट लाएंगी, जिससे जल्द ही हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक महसूस की जाएगी।
मायने और प्रभाव
इस मौसम बदलाव के आम जनता पर सीधे असर होंगे:
- कृषि पर असर: खरीफ की फसलों के अंतिम चरण में यह बारिश कहीं राहत तो कहीं नुकसान का सबब बन सकती है। किसानों को ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
- स्वास्थ्य सावधानी: मौसम में हो रहे इस उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- सड़क सुरक्षा: अचानक होने वाली बारिश और बादलों की गरज के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, क्योंकि आकाशीय बिजली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे दोपहर की गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन सुबह-शाम की ठंड का एहसास धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।



