कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पास सोमवार को पुलिस ने एक ऐसे तस्कर को दबोचा जो बेहद शातिर तरीके से शराब की तस्करी कर रहा था। आरोपी ने ट्रॉली बैग में महंगी विदेशी शराब छिपा रखी थी, जिसका अंदाजा भी किसी को नहीं हुआ। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
क्या है पूरा मामला?
जीआरपी पुलिस को जानकारी मिली थी कि कानपुर के रास्ते बिहार में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर चेकिंग अभियान चलाया गया। हैरिसगंज पुल के पास सीपीसी वाशिंग लाइन के कच्चे रास्ते पर पुलिस ने संदिग्ध हालत में घूम रहे एक व्यक्ति को रुकवाया।
तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में हरियाणा ब्रांड की अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार के गया निवासी रंजीत कुमार के रूप में हुई है। आरोपी के पास से बरामद शराब की अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
कैसे सक्रिय था तस्कर?
- आरोपी हरियाणा से शराब लेकर बिहार जाने की फिराक में था।
- उसने चेकिंग से बचने के लिए इसे सामान्य सामान की तरह ट्रॉली बैग में रखा था।
- वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था, ताकि भीड़ का फायदा उठाकर निकल सके।
मायने और प्रभाव: कानपुर के लिए यह क्यों जरूरी है?
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के बड़े जंक्शनों में से एक है। यहाँ से रोजाना लाखों यात्री बिहार और पूर्वी भारत की ओर सफर करते हैं। ऐसे तस्करों का सक्रिय होना न केवल आबकारी कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि ये अवैध शराब बिहार जैसे राज्यों में सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती है।
इस गिरफ्तारी से यह साफ है कि पुलिस अब रेलवे ट्रैक के आसपास भी अपनी निगरानी बढ़ा रही है। जीआरपी फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि तस्करी के इस बड़े नेटवर्क और उसके साथियों तक पहुँचा जा सके। स्थानीय प्रशासन का यह कदम न केवल तस्करी रोकने के लिए अहम है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा संदेश है।



