कन्नौज से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर विवाह करने वाले एक पति ने शादी के महज चार दिन बाद ही अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ दिया और फिर जो मांग रखी, उसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का दुरूपयोग?
पीड़ित युवती शीतला देवी, जो सदर क्षेत्र के पंचमपुर्वा की रहने वाली है, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उसने और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह करना उचित समझा। ठठिया के मुचुआपुर निवासी देवेंद्र के साथ उसकी शादी धूमधाम से संपन्न हुई। लेकिन खुशी का यह माहौल चंद दिनों में ही मातम में बदल गया।
दहेज का लालच और दरिंदगी
शादी के चार दिन बाद ही देवेंद्र अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया। युवती का आरोप है कि पति ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि अब वह दोबारा बरात लेकर आएगा और तभी उसे साथ ले जाएगा, जब उसे दहेज में एक लाख रुपये और बाइक मिलेगी। इतना ही नहीं, जब युवती ने विरोध किया तो पति ने अपने भाई के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट भी की।

मायने और प्रभाव: समाज पर गहरा असर
यह घटना केवल एक परिवार का निजी विवाद नहीं है, बल्कि यह उन सरकारी योजनाओं की मंशा पर सवाल उठाती है जो गरीबों की मदद के लिए बनी हैं।
- दहेज प्रथा का नासूर: सरकार की मंशा थी कि बिना दहेज के विवाह को बढ़ावा दिया जाए, लेकिन लालची मानसिकता ने इसे भी कमाई का जरिया बना लिया है।
- सुरक्षा पर सवाल: सामूहिक विवाह समारोहों में सुरक्षा और वैवाहिक सुरक्षा के दावों पर यह बड़ी चुनौती है।
- कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने अब कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामले समाज में डर और अविश्वास पैदा करते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है ताकि अन्य युवतियों के साथ ऐसा न हो।



