चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। भटरी गांव के नंदू पुरवा में एक बिजली लाइनमैन का शव पेड़ से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय शिवशंकर शुक्ला के रूप में हुई है, जो सरधुआ बिजली उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
परिजनों का आरोप: मौत या साजिश?
शिवशंकर के पिता राजेश कुमार शुक्ला का कहना है कि उनका बेटा शुक्रवार रात ड्यूटी से घर लौटा था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह बाहर निकला और फिर कभी वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने शव को पेड़ से लटके देखा, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, परिवार इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर रहा है। उनका साफ कहना है कि शिवशंकर की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया है।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। परिजनों का आरोप है कि सरधुआ थाने के एक उपनिरीक्षक (SI) ने शिवशंकर को फोन पर धमकाया था। ऑडियो में कथित तौर पर दारोगा उसे ‘रगौली जेल’ भेजने की धमकी दे रहे हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। परिजनों का दावा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण शिवशंकर ने यह कदम उठाया या फिर उसे मार दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
- अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
- परिजनों ने शुरुआत में शव को उठाने से मना कर दिया था, लेकिन निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद वे शांत हुए।
- पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन वायरल ऑडियो की सत्यता अभी जांच का विषय है।
मायने और प्रभाव
यह घटना न केवल एक युवा कर्मचारी की मौत का मामला है, बल्कि खाकी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जब पुलिस पर ही किसी को प्रताड़ित करने या धमकी देने के आरोप लगते हैं, तो आम जनता का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। चित्रकूट जैसे छोटे इलाकों में संविदा कर्मियों का शोषण और पुलिसिया दबाव एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या जांच में आरोपी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आएगी और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा? स्थानीय स्तर पर यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।



