मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। एक पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतारने का घिनौना खेल रचा, लेकिन जब खूनी खेल शुरू हुआ तो अंजाम उस हद तक पहुंच गया जिसकी शायद उसने भी कल्पना नहीं की थी। इस मामले में आरोपी पति जसराम ने अब पुलिस के सामने जो जुबान खोली है, उसने हर किसी को सन्न कर दिया है।
पत्नी से नफरत और भाई का साथ
आरोपी जसराम का कहना है कि उसे अपनी पत्नी सीमा के चरित्र को लेकर संदेह था, जिससे उसके मन में नफरत भर गई थी। इस नफरत को खत्म करने के लिए उसने अपने छोटे भाई जयराम के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रची। जसराम ने स्वीकार किया है कि वह अपनी पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि उसका 10 साल का मासूम बेटा भी इस दरिंदगी का शिकार हो जाएगा।
कैसे रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था। जयराम ने मंगलवार की शाम सीमा और उसके बेटे अंकुश को बहाने से बाइक पर बैठाया और जंगल की ओर ले गया। योजना के मुताबिक, पहले सीमा को मौत के घाट उतारा गया, लेकिन जब मासूम अंकुश ने शोर मचाना शुरू किया, तो जयराम ने उसे भी गला दबाकर मार डाला।
मासूम का कत्ल और जलते चेहरे
दरिंदगी की हदें तब पार हो गईं जब हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए दोनों शवों के चेहरे जला दिए। सीमा का शव जंगल में और बेटे अंकुश का शव गन्ने के खेत में मिला था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जसराम और जयराम, दोनों भाइयों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मायने और प्रभाव: समाज के लिए एक बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे पारिवारिक ढांचे में पनप रही उन गहरी विकृतियों को दिखाती है जहां संदेह और आपसी रंजिश इंसान को शैतान बना देती है।
- पारिवारिक टूटन: जब परिवार के सदस्य ही रक्षक के बजाय भक्षक बन जाएं, तो सामाजिक सुरक्षा का आधार हिल जाता है।
- अपराध का पैटर्न: मुरादाबाद जैसे शहरों में ऐसे मामलों का बढ़ना कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है।
- सतर्कता जरूरी: यह केस हमें याद दिलाता है कि आपसी बातचीत से न सुलझने वाले विवाद अक्सर भयानक अंजाम लेकर आते हैं।


