उत्तर प्रदेश में मानसून की जो जोरदार शुरुआत हुई थी, अब उसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदल रहा है, जिससे आम लोगों को राहत के साथ-साथ एक बार फिर उमस की चिंता सताने लगी है।
13 जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों पर फोकस किया है। राज्य के करीब 13 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में रुक-रुक कर मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
किन इलाकों में होगी बारिश?
पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जैसे जिलों में बादलों का डेरा रहेगा। वहीं, गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी छिटपुट बारिश के आसार बने हुए हैं। बाकी प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब सीमित हो गई हैं, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

उमस करेगी परेशान
बारिश कम होने का सीधा असर यह होगा कि हवा में नमी (humidity) बनी रहेगी, लेकिन धूप निकलने के कारण उमस में इजाफा होगा। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में लोग अभी से गर्मी और पसीने का अनुभव करने लगे हैं। दोपहर के समय धूप की तल्खी और बढ़ती उमस लोगों को बेहाल कर सकती है।
मायने और प्रभाव
- खेती पर असर: धान की रोपाई के लिए जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां के किसान मानसून की इस सुस्त चाल को लेकर चिंतित हैं।
- स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां: बारिश और उमस का मिला-जुला असर वायरल बुखार और स्किन एलर्जी के मामलों को बढ़ा सकता है।
- बिजली की खपत: उमस बढ़ने से घरों में एसी और कूलर का इस्तेमाल फिर से पीक पर पहुंचने की उम्मीद है, जिसका असर बिजली ग्रिड पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, मानसून अभी विदा नहीं हुआ है, लेकिन इसका ‘ट्रैक’ बदल रहा है। आने वाले दिनों में अगर बारिश की यही स्थिति रही, तो राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात या पानी की कमी की समस्या फिर से सिर उठा सकती है।


