फतेहपुर के परसदेपुर गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर के जिस बेडरूम में सुखद जीवन की कल्पना की जाती है, वहां एक पत्नी ने अपने पति को चारपाई से बांधकर ऐसी ‘दरिंदगी’ दिखाई कि देखने वालों की रूह कांप गई। नशे की हालत में घर लौटे पति को पत्नी ने न केवल बिजली के करंट से झुलसाया, बल्कि लाठियों से हमला कर उसका सिर भी फोड़ दिया।
पति बना शिकार, चारपाई से बांधकर दी सजा
पीड़ित पति जब देर रात घर पहुंचा, तो पत्नी से उसका विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि पत्नी ने आपा खो दिया। महिला ने अपने पति को चारपाई से मजबूती से बांध दिया, ताकि वह हिल भी न सके। इसके बाद जो हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म जैसा खौफनाक मंजर था। महिला ने बिजली के नंगे तारों से पति को करंट के झटके दिए और फिर डंडे से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
पड़ोसियों की सतर्कता से बची जान
कमरे से आ रही चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए। जब लोगों ने दरवाजा तोड़कर देखा, तो पति खून से लथपथ पड़ा था और शरीर पर करंट के गहरे निशान थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। घायल पति को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
मायने और प्रभाव
यह घटना समाज में बढ़ते घरेलू तनाव और मानसिक असंतुलन की ओर एक बड़ा इशारा है। पति-पत्नी के विवाद में ‘हिंसा’ का बढ़ता स्तर कानून और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है। इस घटना का स्थानीय स्तर पर गहरा असर पड़ा है:
- कानूनी सख्ती: पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जो यह दर्शाता है कि कानून घरेलू हिंसा में किसी को बख्शने के मूड में नहीं है।
- मानसिक स्वास्थ्य का संकट: अक्सर पारिवारिक विवादों में हिंसा का सहारा लेना गंभीर मानसिक तनाव को दर्शाता है। समाज को अब वैवाहिक काउंसलिंग की जरूरत है।
- जागरूकता: इस घटना ने आम जनता को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपने घरों में सुरक्षित हैं?




