स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर आज बरेली की सड़कों का नजारा कुछ अलग होगा। घड़ी की सुइयां जैसे ही सुबह के 10 बजाएंगी, शहर की रफ्तार ठहर जाएगी। शोर-शराबे और वाहनों की आवाजाही के बीच केवल एक ही स्वर सुनाई देगा – हमारा राष्ट्रगान।
बरेली का अनूठा जज्बा
अमर उजाला के ‘मां तुझे प्रणाम’ अभियान के तहत यह खास पहल शुरू की गई है। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रगान बजेगा। नियम के मुताबिक, ठीक 52 सेकंड के लिए हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी काम में व्यस्त हो, राष्ट्रगान के सम्मान में स्थिर खड़ा हो जाएगा।
कैसे लें हिस्सा?
- सुबह 10 बजे आप जहां भी हों, वहीं रुक जाएं।
- अपने स्थान पर खड़े होकर राष्ट्रगान में शामिल हों।
- अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें।
मायने और प्रभाव: क्यों जरूरी है यह पहल?
देशभक्ति की नई मिसाल: भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी जड़ों और राष्ट्र के प्रति सम्मान को पीछे छोड़ देते हैं। यह पहल न केवल अनुशासन सिखाती है, बल्कि स्थानीय निवासियों के बीच एकता की भावना को भी मजबूत करती है।
सामूहिक चेतना का अहसास: जब एक पूरा शहर 52 सेकंड के लिए एक साथ खड़ा होता है, तो वह संदेश देता है कि विकास और व्यस्तता से ऊपर हमारा देश है। यह बरेली वासियों के लिए अपनी देशभक्ति को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने और आने वाली पीढ़ी को गौरवान्वित करने का एक मौका है।




