उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और बदायूं जिलों में बीते 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से थाम कर रख दिया है। सुबह से ही झमाझम बरस रहे बादलों ने शहर की सूरत बदल दी है, जहां मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और मोहल्लों के अंदर घुटनों तक पानी भर गया है।
सड़कों पर पानी, आवाजाही में भारी मशक्कत
बारिश के चलते शहर के प्रमुख चौराहों और पॉश इलाकों में भी जलभराव की गंभीर समस्या देखने को मिली है। दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी में बंद होने के कारण लोगों को उन्हें धक्का मारकर ले जाते देखा गया।
निचले इलाकों की स्थिति चिंताजनक
शाहजहांपुर के निचले मोहल्लों में स्थिति सबसे खराब है, जहां घरों के बाहर पानी जमा होने से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। बदायूं में भी ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुलती नजर आई है। नालियां ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।

- मुख्य बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट।
- यातायात की रफ्तार धीमी, सड़कों पर लंबा जाम।
- अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के बाहर जमा पानी।
मायने और प्रभाव
यह बारिश केवल राहत की फुहार नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन के दावों की परीक्षा भी है। बार-बार जलभराव की समस्या यह स्पष्ट करती है कि प्री-मानसून की तैयारियों में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है। अगर समय रहते नालों की सफाई और ड्रेनेज के इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बारिश होने पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। आम जनता को अब इस जलभराव से जल्द निजात और ठोस समाधान की उम्मीद है।



