वृंदावन के ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल में शुक्रवार की सुबह खुशियों के बीच मातम पसर गया। निर्माण कार्य के दौरान अचानक लोहे की भारी शटरिंग ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मौत के मुंह में समा गए। चंद सेकंड के इस हादसे ने पूरी निर्माण साइट को श्मशान में बदल दिया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
शुक्रवार की सुबह करीब 10-12 मजदूर मॉल के निर्माणाधीन हिस्से में ढलाई का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण स्थल पर अचानक जोरदार धमाका हुआ और शटरिंग का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। भारी भरकम लोहे के पाइप और कंक्रीट का मलबा नीचे काम कर रहे मजदूरों पर काल बनकर गिरा।
मृतकों की पहचान और बचाव कार्य
हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी आलम और रिफ्यूल तथा नेपाल निवासी शिवराम के रूप में हुई है। एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया और शवों को बाहर निकाला।
मायने और प्रभाव: सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने वृंदावन के रियल एस्टेट और निर्माण कार्यों में बरती जा रही घोर लापरवाही की पोल खोल दी है। आखिर क्या कारण था कि इतनी भारी शटरिंग अचानक गिर गई? यह सवाल अब प्रशासनिक जांच का केंद्र बन गया है।
- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: क्या मजदूरों को हेलमेट, बेल्ट और सुरक्षा कवच दिए गए थे? इस पर सवाल उठ रहे हैं।
- जांच की मांग: पीड़ित परिवारों ने 50 लाख रुपये मुआवजे और जिम्मेदार बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- भविष्य की चेतावनी: यह घटना शहर में चल रहे अन्य बड़े निर्माण कार्यों के लिए एक चेतावनी है, जहां जल्दबाजी में सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।
ओमेक्स प्रबंधन का कहना है कि वे पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन मृतकों के परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। फिलहाल, निर्माण स्थल को सील कर दिया गया है और प्रशासन ने पूरे प्रोजेक्ट की सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं।




