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यूपी: शस्त्र लाइसेंस लेने पहुंचे युवक को DM की नसीहत, कहा- ‘तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार, पहले पान मसाला छोड़ो’

कानपुर के कलेक्ट्रेट में मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने वहां मौजूद हर किसी को चौंका दिया। अपने पिता के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस को विरासत में अपने नाम करवाने पहुंचे एक युवक को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ऐसी नसीहत दी कि वह सन्न रह गया। डीएम ने युवक को बंदूक देने से पहले एक ऐसी शर्त रख दी जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

नर्वल निवासी अंकुर सिंह अपने पिता के नाम वाला शस्त्र लाइसेंस वरासत के आधार पर अपने नाम करवाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जब वह अपनी फाइल लेकर जिलाधिकारी के सामने पेश हुए, तो डीएम की नजर अंकुर के मुंह में भरे पान मसाले पर पड़ी। स्थिति को भांपते हुए डीएम ने मजाकिया लेकिन सख्त लहजे में कहा, ‘तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार है, पहले पान मसाला खाना छोड़ो।’

DM की अनोखी शर्त

डीएम यहीं नहीं रुके। उन्होंने साफ कर दिया कि केवल कागजी कार्रवाई ही काफी नहीं है। उन्होंने अंकुर को निर्देश दिए कि उसे अपने माता-पिता, दादा और ग्राम प्रधान से एक लिखित शपथपत्र लाना होगा। इस शपथपत्र में यह पुष्टि होनी चाहिए कि आवेदक ने पान मसाला का सेवन पूरी तरह छोड़ दिया है और भविष्य में भी वह इसका उपयोग नहीं करेगा।

मायने और प्रभाव

प्रशासन का यह कदम भले ही सुनने में अनूठा लगे, लेकिन इसके गहरे सामाजिक मायने हैं। इसके प्रभाव को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • मानसिक और शारीरिक अनुशासन: प्रशासन का मानना है कि जो व्यक्ति खुद की आदतों पर काबू नहीं रख सकता, उसे हथियार रखने का अधिकार देने से पहले उसका मानसिक अनुशासन परखना जरूरी है।
  • आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ: इस शर्त का सीधा उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर करना है। डीएम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बुरी लत छोड़ता है, तो उसका पैसा बचेगा और स्वास्थ्य बेहतर होगा।
  • लाइसेंस मिलना अधिकार नहीं: प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस विरासत में स्वतः नहीं मिल जाता। इसके लिए सत्यापन की एक लंबी प्रक्रिया है और प्रशासन आवेदक के चरित्र व आदतों को परखने का पूरा अधिकार रखता है।

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे प्रशासन अब सरकारी फाइलों से निकलकर समाज में सुधार की एक छोटी सी पहल कर रहा है। कानपुर के इस कलेक्ट्रेट में हुई बातचीत अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

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