"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

मैनपुरी में काई बनी काल: खेत देखने निकले 18 साल के शिवम का डैम पर फिसला पैर, अरिंद नदी में डूबने से मौत

मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब 18 साल के शिवम उर्फ बादल की अरिंद नदी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। खेत की रखवाली करने निकला यह युवक घर वापस नहीं लौट सका।

काई की फिसलन और एक पल की चूक

शुक्रवार देर शाम शिवम अपने खेत देखने के लिए घर से निकला था। वापस लौटते समय वह अरिंद नदी के डैम से होकर गुजर रहा था। डैम की सतह पर जमी काई के कारण उसका पैर अचानक फिसल गया और वह संतुलन खोकर सीधे गहरे पानी में जा गिरा।

रात भर चलती रही तलाश, सुबह मिला शव

शिवम के घर न लौटने पर परिजनों ने उसे आसपास तलाशना शुरू किया। जब डैम के पास उसके चप्पल और कुछ निशान मिले, तो अनहोनी की आशंका बलवती हो गई। ग्रामीणों और परिजनों ने पूरी रात नदी के किनारे खोजबीन की, लेकिन अंधेरे के कारण सफलता नहीं मिली।

शनिवार सुबह जब शव पानी की सतह पर उतराता हुआ दिखाई दिया, तो वहां मौजूद परिजनों का कलेजा फट गया। पुलिस ने सूचना मिलते ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मायने और प्रभाव: क्यों जरूरी है सावधानी?

  • मानसून में सावधानी: बारिश के मौसम में नदी के पास मौजूद डैम और पुलों पर काई जमा होना सामान्य है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।
  • सुरक्षा का अभाव: ग्रामीण इलाकों में जल स्रोतों के पास चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरे का न होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है।
  • अभिभावकों के लिए नसीहत: पानी के बहाव वाले इलाकों में युवाओं का अकेले जाना बेहद खतरनाक है। प्रशासन को ऐसे डेंजर जोन की पहचान कर लोगों को सतर्क करना चाहिए।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment