सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने का जुनून युवाओं के लिए किस हद तक जानलेवा साबित हो रहा है, इसकी एक भयावह तस्वीर इटावा से सामने आई है। भरथना के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रील बनाने निकले तीन दोस्तों की लापरवाही ने एक की जान ले ली और दो को जिंदगी और मौत के बीच झूलने पर मजबूर कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार रात करीब आठ बजे औरैया के किल्लामपुर निवासी फईम उर्फ सोनू, इरफान और इमरान एक ही बाइक पर सवार होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंचे थे। इन युवाओं का मकसद एक्सप्रेसवे पर रील बनाना था। पक्का ताल के पास गोल चक्कर से बिना सोचे-समझे उन्होंने अपनी बाइक उल्टी दिशा (Wrong side) में एक्सप्रेसवे पर चढ़ा दी।
ठीक उसी समय सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची यूपीडा (UPEIDA) की टीम ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने फईम को मृत घोषित कर दिया।
शौक और लापरवाही का घातक संगम
- मौके पर मौत: फईम उर्फ सोनू की घटना स्थल के करीब ही इलाज के दौरान मौत हो गई।
- गंभीर स्थिति: इरफान और इमरान की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
- दिल्ली से आए थे वापस: मृतक सोनू और घायल इरफान दिल्ली की एक बेकरी में काम करते थे और सोनू कुछ दिन पहले ही घर लौटा था।
मायने और प्रभाव: सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि रील बनाने के जुनून में अंधी हो रही पीढ़ी के लिए एक कड़ा सबक है। एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर उल्टी दिशा में गाड़ी चलाना मौत को दावत देने जैसा है।
क्यों है यह चिंताजनक?
आम जनता के लिए यह समझना जरूरी है कि एक्सप्रेसवे पर नियम तोड़ने की मामूली सी चूक भी परिवार को तबाह कर सकती है। रील बनाने की होड़ में युवा अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। यह घटना प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि एक्सप्रेसवे के एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी और सख्त की जाए ताकि इस तरह की लापरवाही को रोका जा सके। सुरक्षित ड्राइविंग ही अंततः घर वापस लौटने का एकमात्र जरिया है।

