उत्तर प्रदेश के बरेली से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिला अस्पताल में इलाज के बहाने भर्ती कराई गई एक महिला बंदी सुरक्षा घेरे को चकमा देकर फरार हो गई। हैरानी की बात यह है कि वह अस्पताल के शौचालय में सूट पहनकर घुसी थी, लेकिन वहां से बाहर बुर्का पहनकर निकली।
क्या है पूरा मामला?
फरार महिला बंदी का नाम ममता है, जो तुलाशेरपुर की रहने वाली है। ममता पर पॉक्सो (POCSO) जैसा गंभीर मामला दर्ज है, जिसके तहत वह पिछले साल दिसंबर से जेल में बंद थी। बीते 31 अगस्त को उसे सेंट्रल जेल-2 से अदालत में पेशी के लिए लाया गया था, इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने का बहाना बनाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कैसे रची गई फरार होने की साजिश?
पुलिस सूत्रों की मानें तो ममता ने पहले से ही अपनी फरारी की पूरी पटकथा तैयार कर ली थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। शौचालय के अंदर जाकर उसने अपने कपड़े बदले और पहले से छिपाकर रखा गया बुर्का पहन लिया। चेहरा पूरी तरह ढका होने के कारण पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं सके और वह आराम से मुख्य गेट से बाहर निकल गई।
लापरवाही पर एक्शन
इस पूरी घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें ममता की तलाश में जुट गई हैं और अस्पताल व शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मायने और प्रभाव
यह घटना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाती है। एक गंभीर मामले की कैदी का इस तरह फिल्मी अंदाज में भाग निकलना न केवल पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाता है, बल्कि स्थानीय जनता में भी खौफ पैदा करता है। इस तरह की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भरोसा कम करती हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाने की मांग करती हैं।




