बरेली जंक्शन के भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर शुक्रवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने न केवल मौजूद यात्रियों को हैरान कर दिया, बल्कि इंसानियत पर भरोसा भी मजबूत किया। मौत की दहलीज पर खड़े एक यात्री को अपनी सूझबूझ और तत्परता से डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी ने नई जिंदगी दी है।
क्या हुआ था बरेली जंक्शन पर?
शुक्रवार का दिन था, हर रोज की तरह बरेली जंक्शन पर यात्रियों का हुजूम था। तभी अचानक एक यात्री के सीने में तेज दर्द उठा और वह बेदम होकर सीढ़ियों पर गिर पड़ा। यात्री की हालत देख वहां मौजूद लोग घबरा गए और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें।
इसी दौरान डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी वहां से गुजर रहे थे। यात्री को तड़पता देख उन्होंने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने स्थिति को भांप लिया कि यह कार्डियक अरेस्ट यानी हार्ट अटैक का मामला है।

हार्ट मसाज से मिली नई जिंदगी
बिना समय बर्बाद किए डॉ. माहेश्वरी ने तुरंत यात्री को फर्श पर लिटाया और सीपीआर (हार्ट मसाज) देना शुरू किया। उन्होंने पूरी ताकत और वैज्ञानिक तरीके से मरीज के सीने को दबाया। कुछ ही मिनटों की जद्दोजहद के बाद यात्री ने अचानक हलचल की और उसकी सांसें वापस लौट आईं।
मौके पर मौजूद लोगों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना। डॉक्टर ने तुरंत प्राथमिक उपचार देकर यात्री की स्थिति को स्थिर किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए सीख
यह घटना हमें स्वास्थ्य के प्रति और आपातकालीन स्थितियों में सतर्क रहने का बड़ा सबक देती है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सीखें सीपीआर (CPR): आज के दौर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि आम जनता को सीपीआर देने की बुनियादी तकनीक पता हो, तो बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है।
- समय की अहमियत: हार्ट अटैक के मामले में शुरुआती 5-10 मिनट ‘गोल्डन आवर’ होते हैं। डॉ. माहेश्वरी की तत्परता ने साबित किया कि सही समय पर दिया गया उपचार ही जान बचाता है।
- डॉक्टर का फर्ज: ड्यूटी के दायरे से बाहर निकलकर किसी की जान बचाना चिकित्सा पेशे की असल गरिमा है, जिसे आज डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी ने चरितार्थ किया।
यात्री की जान बच जाने से न केवल उसके परिवार में खुशी है, बल्कि बरेली जंक्शन पर मौजूद अन्य लोग भी डॉक्टर के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।




