केसर चीनी मिल की बिक्री पर संकट के बादल
बरेली के बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल के दिन फिर से खराब होते दिख रहे हैं। कभी इलाके की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही इस मिल की बिक्री का सौदा एक बड़ी कानूनी उलझन में फंस गया है। मिल खरीदने वाली कंपनी ‘अवध फूड्स एंड मल्टीकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा जारी किए गए 66 करोड़ रुपये के सभी चेक बाउंस हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्यों रद्द हो सकती है ये डील?
मिल प्रबंधन और खरीददार कंपनी के बीच हुई यह डील अब पूरी तरह से खटाई में पड़ती नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो 66 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि के चेक बाउंस होना कोई छोटी बात नहीं है। अब प्रशासन और मिल प्रबंधन इस मामले में सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
- खरीददार कंपनी को अब कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।
- चेक बाउंस होने के बाद अनुबंध की शर्तों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
- अगर भुगतान समय पर नहीं हुआ, तो यह डील पूरी तरह से रद्द की जा सकती है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है मतलब?
इस डील के अटकने का सीधा असर बहेड़ी के किसानों और मिल से जुड़े हजारों परिवारों पर पड़ सकता है। जब कोई मिल बिकती है, तो इलाके के लोगों को उम्मीद होती है कि बकाया भुगतान होगा और मिल फिर से चालू होगी। चेक बाउंस होने का मतलब है कि अनिश्चितता का दौर और लंबा चलेगा।
स्थानीय किसानों का पुराना बकाया पहले से ही एक बड़ी समस्या रहा है। अब इस कानूनी पेंच ने मिल के भविष्य को फिर से अधर में डाल दिया है। आने वाले दिनों में अगर यह मामला नहीं सुलझा, तो क्षेत्र में बड़े विरोध प्रदर्शन और आर्थिक संकट गहराने की पूरी आशंका है।


