फर्रुखाबाद की सड़कों पर उस वक्त मातम पसर गया, जब कांवड़ यात्रा पर निकले दो भाइयों को एक तेज रफ्तार डंपर ने बेरहमी से रौंद दिया। इस हादसे में एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने हाईवे पर कब्जा कर लिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित भाई अपनी कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे से गुजर रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की जान मौके पर ही चली गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद चालक डंपर छोड़कर वहां से भागने की फिराक में था, लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया। हालांकि, भारी हंगामे और आपाधापी का फायदा उठाकर चालक भीड़ को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा।
हाईवे पर घंटों तक रहा जाम
इस हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते वाहनों की कतारें करीब पांच किलोमीटर लंबी हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थिति संभालने और लोगों को शांत कराने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार डंपर चालक की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। घायल भाई को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मायने और प्रभाव
- सुरक्षा पर सवाल: कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
- यातायात प्रबंधन: इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि त्योहारों के दौरान भारी वाहनों के रूट डायवर्जन को लेकर प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
- जनता का आक्रोश: सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों ने स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा पैदा कर दिया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।

