मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने अब अपना फैसला सुना दिया है। पति की हत्या की आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को अदालत ने दोषी करार दिया है। फैसला सुनने के बाद दोनों मुजरिमों के चेहरे पर खौफ और पछतावा साफ देखा गया।
क्या है पूरा मामला?
ब्रह्मपुरी इलाके में हुए इस हत्याकांड ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया था। मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ रस्तोगी को मौत के घाट उतार दिया था। हत्या को छिपाने के लिए शव को एक नीले ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया था।
जेलर ने साझा की अंदर की बात
जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद जब दोनों वापस बैरक पहुंचे, तो उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया था। मुस्कान और साहिल दोनों ही बैरक में फूट-फूटकर रोते रहे। 125 तारीखों और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, कोर्ट ने 22 गवाहों और सबूतों के आधार पर उन्हें गुनाहगार माना है।
अगली सुनवाई और सजा
- दोषी करार: कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी माना है।
- अगली तारीख: अदालत अब 14 अक्टूबर को इस मामले में सजा का ऐलान करेगी।
- गवाह: इस केस को साबित करने के लिए कुल 22 गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराई।
मायने और प्रभाव
यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कानून की पहुंच से कोई भी नहीं बच सकता। ‘नीला ड्रम केस’ केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के भरोसे के टूटने का दुखद अंत है। आम जनता के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि अपराध चाहे जितनी चतुराई से किया जाए, अंत में सच सामने आता ही है। 14 अक्टूबर को अदालत क्या सजा सुनाती है, इस पर पूरे मेरठ की निगाहें टिकी हैं।


