जब मंच पर आमने-सामने हुए PM और ‘थलापति’
तमिलनाडु की राजनीति में अब नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। अभिनेता से नेता बने विजय ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राज्य के हक को लेकर बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी है। चेन्नई में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में जब दोनों दिग्गज एक मंच पर दिखे, तो हर किसी की निगाहें विजय की मांगों पर टिक गईं।
विजय की 6 बड़ी मांगें, जनता के लिए क्या है खास?
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में विजय ने तमिलनाडु के विकास के लिए 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तमिलनाडु के लिए केंद्र से मिलने वाली सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए।
- बकाया राशि का भुगतान: विजय ने राज्य का करीब 5,000 करोड़ रुपये का बकाया फंड बिना शर्त जारी करने की मांग की।
- मेट्रो विस्तार: चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के लिए केंद्र से तुरंत वित्तीय मदद की वकालत की।
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य में पेंडिंग पड़ी रेलवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।
- हाईवे निर्माण: नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने की बात कही।
- आर्थिक स्वायत्तता: राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विशेष पैकेज की मांग।
- बंदरगाहों का आधुनिकीकरण: तटीय राज्य होने के नाते समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
विजय का यह अंदाज राज्य के युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच काफी चर्चा में है। पहली बार किसी बड़े अभिनेता ने सत्ता के केंद्र के सामने सीधे और स्पष्ट सवाल खड़े किए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि तमिलनाडु की राजनीति में अब ‘क्षेत्रीय गौरव’ और ‘विकास’ ही मुख्य मुद्दे रहने वाले हैं।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आ सकती है, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच एक नया संवाद भी शुरू हुआ है। तमिलनाडु की जनता अब यह उम्मीद कर रही है कि इन मांगों पर जल्द ही अमल होगा और राज्य के रुके हुए बड़े प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी।


