चित्रकूट के राजापुर इलाके में शनिवार का दिन मातम लेकर आया। मोहरवां पुल के पास दो डंपरों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी। हादसा इतना भयावह था कि डंपर के परखच्चे उड़ गए और चालक व खलासी को निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
मृतकों की पहचान प्रतापगढ़ के नवाबगंज निवासी 40 वर्षीय चालक रामू पटेल और 23 वर्षीय खलासी अरविंद के रूप में हुई है। ये दोनों चित्रकूट से सामान लोड कर अपने घर प्रतापगढ़ लौट रहे थे। रफ्तार के काल ने दोनों परिवारों से उनका सहारा छीन लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि आवाज दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद दूसरे डंपर का चालक अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में राजापुर पुलिस जुट गई है।

प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति
- पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला।
- जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।
- प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार प्रजापति ने बताया कि मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश की जा रही है।
मायने और प्रभाव: सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर चित्रकूट के राजमार्गों पर अनियंत्रित रफ्तार और भारी वाहनों के लापरवाही भरे संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार केवल एक वाहन की नहीं, बल्कि दूसरे निर्दोष की जान भी ले लेती है।
स्थानीय स्तर पर यह घटना इस बात की चेतावनी है कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सख्त निगरानी और ट्रैफिक नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। एक परिवार का भरण-पोषण करने वाला मुखिया खो देने का दर्द कभी नहीं भरा जा सकता। सुरक्षा के इन दावों के बीच, प्रशासन को अब सड़कों पर होने वाली ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है।



