अलीगढ़ समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अब चक्रवात ‘अर्नब’ का सीधा असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह से ही शहर का मौसम अचानक बदल गया है, जहां आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं ने लोगों को सतर्क होने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि 29 और 30 अक्टूबर का समय बेहद संवेदनशील है। पूरे जनपद में भारी बारिश और तेज आंधी चलने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात का दबाव क्षेत्र अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती इलाकों में अधिक देखने को मिल सकता है।
जिलाधिकारी की जनता से अपील
संभावित खतरे को देखते हुए अलीगढ़ के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने एक अहम संदेश जारी किया है। उन्होंने सभी जनपदवासियों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।

- पुराने जर्जर मकानों या बिजली के खंभों के आसपास न रुकें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि तेज आंधी से डालियां गिरने का खतरा रहता है।
- किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या होगा असर?
चक्रवात अर्नब का यह मिजाज न केवल आम जनजीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी बड़ी चुनौती लेकर आया है। अलीगढ़ की सड़कों पर जलभराव और यातायात में बाधा आना आम बात हो सकती है। इसके अलावा, अचानक हुए इस तापमान परिवर्तन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे वायरल बुखार या सर्दी-जुकाम बढ़ने का अंदेशा है। प्रशासन की सक्रियता और समय रहते दी गई चेतावनी ही इस आपदा के प्रभाव को कम करने का एकमात्र रास्ता है।



