अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं या आप अक्सर बारिश के पानी के संपर्क में आते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मानसून की बारिश ने केवल जलजमाव ही नहीं, बल्कि एक खतरनाक बीमारी का खतरा भी बढ़ा दिया है, जिसने आगरा में दो लोगों की जान ले ली है।
लेप्टोस्पायरोसिस: पालतू जानवरों से फैलता संक्रमण
बारिश के मौसम में ‘लेप्टोस्पायरोसिस’ (Leptospirosis) नाम की बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित कुत्तों, बिल्लियों और चूहों के पेशाब के जरिए फैलता है। जब यह संक्रमित यूरिन बारिश के पानी में मिलकर जलभराव वाली जगहों पर जमा होता है, तो वह इंसानों के लिए घातक बन जाता है।
आंकड़े डराने वाले हैं
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा में अब तक इसके 32 मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा ‘स्क्रब टाइफस’ के भी 11 मरीज मिले हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन आम जनता की सावधानी ही इसका असली बचाव है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आपको बारिश के संपर्क में आने के बाद नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- तेज बुखार और सिरदर्द।
- मांसपेशियों में तेज दर्द और जकड़न।
- आंखों का लाल होना या पीलिया के लक्षण दिखना।
- उल्टी या दस्त की शिकायत।
मायने और प्रभाव
इस बीमारी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जल निकासी में कमी और गंदगी है। शहर के निचले इलाकों में जमा दूषित पानी ही इन बैक्टीरिया का सबसे बड़ा घर है। हमारे पालतू जानवर बाहर घूमकर जब घर के अंदर आते हैं, तो वे अनजाने में इन बैक्टीरिया को भी साथ लाते हैं। सावधानी के उपाय: बारिश में नंगे पैर बाहर न निकलें, पालतू जानवरों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और घर के आसपास पानी न जमा होने दें। समय पर इलाज ही इन बीमारियों के गंभीर परिणामों से बचा सकता है।



