गोरखपुर की सड़कों पर जलभराव और गंदगी की समस्या इस वक्त सियासत का केंद्र बन गई है। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें बीजेपी के ही एक पार्षद और सांसद रवि किशन के बीच हुई तीखी नोकझोंक लोगों का ध्यान खींच रही है।
वीडियो में क्या हुआ?
शहर के वार्ड नंबर 24 के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने जलभराव की समस्या को लेकर सांसद रवि किशन को व्हाट्सएप कॉल किया था। पार्षद का कहना है कि वे शहर की बदतर होती स्थिति और जल निकासी की समस्या पर बात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बातचीत शुरू होते ही लहजा बिगड़ गया।
वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि जब पार्षद ने अपनी बात रखनी चाही, तो सांसद रवि किशन ने उलटे सवाल दागते हुए कहा, ‘क्या तुम बसपा ज्वाइन कर लिए हो? कैसे बात कर रहे हो?’ यह सुनकर पार्षद भी हैरान रह गए और उन्होंने इसका करारा जवाब दिया।
सांसद के तेवर पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया है कि वे जनता की समस्या लेकर सांसद के पास गए थे, लेकिन उन्हें जवाब के बजाय राजनीति सुनने को मिली।
घटना के मुख्य बिंदु:
- गोरखपुर के विभिन्न इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की समस्या विकराल है।
- पार्षद ने सीधे सांसद से शिकायत की, जिसे लेकर बहस छिड़ गई।
- सांसद द्वारा विपक्षी दल का नाम लेकर सवाल उठाने पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज हो गई है।
मायने और प्रभाव
यह पूरा वाकया बताता है कि गोरखपुर में जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। जब एक ही पार्टी के पार्षद और सांसद के बीच संवाद का स्तर इस तरह गिर जाए, तो आम आदमी की समस्याओं का समाधान कौन करेगा? यह घटना न केवल स्थानीय राजनीति की कड़वाहट को दर्शाती है, बल्कि विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर भी बड़े सवाल खड़े करती है। जनता अब उम्मीद कर रही है कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय, शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।






