जब सीएम योगी ने भरी महफिल में ली चुटकी
गोरखपुर के गीडा (GIDA) क्षेत्र में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे, तो वहां का माहौल एकदम खुशनुमा हो गया। अवसर था फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और आवास परियोजनाओं के लोकार्पण का, लेकिन चर्चा का विषय बने सांसद रवि किशन। मंच से योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही सांसद की ‘पदयात्रा’ वाली बात का जिक्र किया, वहां मौजूद हर कोई हंस पड़ा।
भीषण गर्मी में क्या बोले रवि किशन?
मुख्यमंत्री ने साझा किया कि इस झुलसा देने वाली गर्मी में रवि किशन उनके पास एक अनोखा प्रस्ताव लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने बताया, “रवि किशन मुझसे कह रहे थे कि अगर आप अनुमति दें, तो मैं यहां से गोरखपुर तक नंगे पैर पदयात्रा निकालूं।”
इतनी भयंकर गर्मी में पदयात्रा की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने भी अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अभी नहीं, थोड़ा बरसात होने दो.. उसके बाद देखना।”
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों है अहम?
इस घटना के गहरे सामाजिक और राजनीतिक मायने हैं। इसे सिर्फ एक चुटकी की तरह न देखें:
- जनता से जुड़ाव: नेता अक्सर सत्ता के गलियारों में घिरे रहते हैं, लेकिन इस तरह के हंसी-मजाक वाले लम्हे यह दिखाते हैं कि नेतृत्व जमीन से कितना जुड़ा है।
- काम और मिजाज: जहां एक तरफ विकास कार्यों का शिलान्यास हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच का यह संवाद यह बताता है कि सरकार और संगठन का तालमेल कितना आत्मीय है।
- सीख: मुख्यमंत्री का ‘बरसात का इंतजार’ करने को कहना अनुशासन और सही समय पर सही फैसले लेने की उनकी कार्यशैली को भी दर्शाता है।




