गोरखपुर के गुलरिहा इलाके की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। कभी उपेक्षा का शिकार होकर कबाड़ में तब्दील हो चुके ट्यूबवेल परिसर को अब एक शानदार हाईटेक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त अजय जैन के निर्देश के बाद इलाके के लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।
बदल रही है गुलरिहा वार्ड की तस्वीर
नगर आयुक्त अजय जैन ने शनिवार को वार्ड संख्या 30 का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अनुपयोगी पड़े ट्यूबवेल परिसर का सौंदर्यीकरण कर उसे एक आधुनिक पार्क का रूप दिया जाए। यह कदम न केवल इलाके की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों को टहलने और बच्चों को खेलने के लिए एक सुरक्षित जगह भी मुहैया कराएगा।
विकास कार्यों की समीक्षा और सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने केवल पार्क की बात ही नहीं की, बल्कि वार्ड की बुनियादी सुविधाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाया:
- डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन: साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- पाइपलाइन परियोजना: वार्ड में बिछाई गई आठ किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के काम की गुणवत्ता की जांच की गई।
- समयबद्ध कार्य: नगर आयुक्त ने साफ कहा है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
गोरखपुर में लगातार हो रहे इस तरह के सौंदर्यीकरण के प्रयास शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ की दिशा में और तेजी से ले जा रहे हैं। गुलरिहा जैसे इलाकों में हाईटेक पार्क का बनना वहां की रियल एस्टेट वैल्यू को बढ़ाएगा ही, साथ ही स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा। एक कबाड़खाने को पार्क में बदलना न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति के सही इस्तेमाल का एक सटीक उदाहरण भी है। आने वाले समय में यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए सुकून का केंद्र बनेगा।



